प्रतापगढ़। रानीगंज तहशील से जुड़े हुए हर गाँव-कस्बे का आम आदमी जब खसरा-खतौनी की नकल, आवास योजना का फॉर्म या वृद्धा पेंशन जैसे किसी सरकारी काम के लिए भटकता है, तो अक्सर एक ही जगह उसकी परेशानी का हल मिल जाता है – और वहाँ बैठा होता है एक शांत, मुस्कुराता चेहरा। यह चेहरा है पृथ्वीगंज के सेवा केंद्र संचालक राहुल कुमार का।
“गढ़ के गौरव” श्रृंखला में आज बात एक ऐसे युवा की, जो किसी बड़े पद पर नहीं, बल्कि आम लोगों की रोज़मर्रा की जरूरतों में उनका सहारा बनकर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
पृथ्वीगंज में, यूपी ग्रामीण बैंक के ठीक बगल में राहुल कुमार का ऑनलाइन सेवा केंद्र है। यहाँ उत्तर प्रदेश सरकार की किसी भी प्रकार की एप्लिकेशन भरनी हो – खसरा-खतौनी की नकल, आवास योजना का फॉर्म, वृद्धा पेंशन का आवेदन या ऐसी कोई भी सरकारी सेवा – तो लोगों के लिए बस एक नाम काफी है, राहुल कुमार।
राहुल की सबसे बड़ी खूबी उनका व्यवहार है। वे हर व्यक्ति को आदर और सम्मान देते हैं, और हर किसी से बड़ी विनम्रता से पेश आते हैं। कई बार जब केंद्र पर लोगों की भीड़ बढ़ जाती है, तब भी वे अपना दिमाग ठंडा रखकर, बिना झुंझलाए, हर एक व्यक्ति का काम पूरी शांति से निपटाते हैं। यही धैर्य और शालीनता उन्हें भीड़ में भी सबका भरोसेमंद बनाती है।
उनकी एक और खास बात यह है कि अगर कोई ऐसा काम भी सामने आ जाए जो उनके अपने दायरे से बाहर हो, तब भी वे किसी को यूँ ही खाली हाथ नहीं लौटाते – बल्कि यह मार्ग जरूर दिखा देते हैं कि वह काम कहाँ से और कैसे पूरा हो सकता है। किसी की मदद से मुँह मोड़ लेना उनके स्वभाव में ही नहीं है।
जब हमारी टीम ने वहाँ के लोगों से बात की, तो एक बात हर किसी ने कही – राहुल हर वक़्त मदद के लिए तैयार रहते हैं। दुकान बंद करने के बाद भी अगर किसी का फोन आ जाए, तो वे कॉल जरूर उठाते हैं और फोन पर ही लोगों की समस्या सुलझाने की कोशिश करते हैं। किसी जरूरतमंद को “अभी समय नहीं है” कहकर टालना उन्होंने कभी नहीं सीखा।
दिमाग में ठंडक, ज़ुबान में मिठास और कीबोर्ड-माउस पर चलते हुए हाथ – यही राहुल कुमार की असली पहचान है। ऐसे ही सेवाभावी और सुलझे हुए युवा किसी भी क्षेत्र की असली ताकत होते हैं, और पृथ्वीगंज गर्व से कह सकता है कि उसके पास राहुल कुमार जैसा एक भरोसेमंद नाम है।
— प्रतापगढ़ पत्रिका | श्रृंखला : गढ़ के गौरव


Rahul bhaiya sach me aise he vyakti hain