प्रतापगढ़।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर प्रतापगढ़ जिले से एक बड़ा मामला सामने आने का दावा किया गया है। कुंडा तहसील क्षेत्र में योजना के लाभार्थियों के पंजीकरण और भुगतान से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच में बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, जांच में करीब 3.15 अरब रुपये के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ी जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि लाभार्थियों के पंजीकरण में इस्तेमाल किए गए लगभग 1,700 आईपी एड्रेस संदिग्ध पाए गए हैं। मामले में कृषि निदेशालय, दिल्ली और केंद्रीय स्तर पर जांच का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इन दावों को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित अनियमितताओं में कितने लाभार्थी, कितनी धनराशि और कौन-कौन से स्तर के लोग शामिल हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि सहायता योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में सीधे बैंक खातों में दी जाती है। केंद्र सरकार ने हाल ही में योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी भी दी है।
प्रतापगढ़ जैसे कृषि प्रधान जिले में इस योजना से जुड़े किसी भी कथित फर्जीवाड़े का मामला किसानों के बीच चिंता का विषय बन सकता है। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो फर्जी पंजीकरण, गलत तरीके से लाभ लेने और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में आगे कार्रवाई संभव है।
अब निगाहें संबंधित विभागों की आधिकारिक जांच और कार्रवाई पर हैं। प्रशासन या जांच एजेंसियों की ओर से जैसे ही मामले को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आती है, उसके आधार पर पूरे प्रकरण की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

