प्रतापगढ़, 25 अगस्त। लीलापुर थाना क्षेत्र में संविदाकर्मी सौरभ विश्वकर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी अमन तिवारी ने पुलिस को चकमा देते हुए अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी शुक्रवार को अपने अधिवक्ता के साथ सीजेएम कोर्ट पहुंचा और न्यायालय में सरेंडर की अर्जी दाखिल की।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक अमन तिवारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उसके घर, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। मोबाइल सर्विलांस के जरिए भी उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सकी। अदालत परिसर में आरोपी के पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई।
मामला 13 अगस्त का है। रिपोर्ट के अनुसार मानापुर सिंधौर निवासी आपूर्ति विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर सौरभ विश्वकर्मा की गजाधर इंटर कॉलेज, लक्ष्मणपुर के पास डंडे और सरिया से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया था और परिजनों ने अंतिम संस्कार से भी इनकार कर दिया था।
मामले में पुलिस ने पहले विपिन तिवारी उर्फ दारोगा, सौरभ तिवारी और संजय कुमार उर्फ मिंटू उपाध्याय समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया। 16 अगस्त को पुलिस अधीक्षक ने तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में पुलिस महानिरीक्षक ने अमन तिवारी और दीपू सिंह के लिए बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया।
अमन तिवारी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। अब मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की जांच पर पुलिस की नजर है।
सौरभ विश्वकर्मा हत्याकांड को लेकर पिछले दिनों जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज रही है। ऐसे में 50 हजार के इनामी आरोपी का खुद अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण करना इस मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
प्रतापगढ़ पत्रिका

