नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के आरोप में 30 मेडिकल स्टोरों पर गिरेगी गाज, लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए शासन को भेजी रिपोर्ट

Health facilities in Pakistan Free medicines stock at drug store for the patients in district headquarters hospital (DHQ) Kasur.
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प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। जिले में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध बिक्री को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ड्रग इंस्पेक्टर की जांच में 30 मेडिकल स्टोर ऐसे पाए गए, जहां प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। जांच के बाद इन सभी मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।

ड्रग इंस्पेक्टर शिव कुमार नायक के मुताबिक, विभाग ने मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी है। अब इन दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए जाने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। विभाग की ओर से संबंधित मेडिकल स्टोर संचालकों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय में संचालकों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

प्रतापगढ़ जिले में इस समय करीब 700 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस दर्ज हैं। इसके अलावा लगभग 50 थोक दवा विक्रेताओं के पास भी लाइसेंस है। ऐसे में 30 मेडिकल स्टोरों पर प्रस्तावित कार्रवाई को दवा कारोबार की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि जांच और कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाना और दवा कारोबार में नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

जांच के दौरान जिन मेडिकल स्टोरों को लेकर आपत्तियां सामने आईं, उनके संचालकों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया गया था। इसके लिए तीन दिन का समय तय किया गया था। विभाग के अनुसार, किसी भी संचालक की ओर से जवाब नहीं आने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अब शासन स्तर से लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब जिले में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर विभाग की निगरानी बढ़ी हुई है। मेडिकल स्टोरों पर दवाओं की बिक्री के नियमों का पालन, आवश्यक रिकॉर्ड और प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता जैसे बिंदुओं की जांच की जा रही है। विभाग की कार्रवाई से दवा कारोबार से जुड़े लोगों में भी हलचल बढ़ गई है।

वहीं प्रशासनिक स्तर पर यह भी स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि, संबंधित दुकानों के नाम और अंतिम लाइसेंस निरस्तीकरण की आधिकारिक सूची शासन स्तर की अगली कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

प्रभातगढ़ पत्रिका | प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश

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