प्रतापगढ़। किसी भी क्षेत्र की असली ताकत उसके वे लोग होते हैं, जो बिना किसी पद या स्वार्थ के समाज को आगे ले जाने में जुटे रहते हैं। “गढ़ के गौरव” श्रृंखला में आज ऐसे ही एक चेहरे की बात – मोनू तिवारी। जिनकी पहचान किसी कुर्सी से नहीं, बल्कि आम आदमी के सुख-दुख में उसके साथ खड़े रहने से बनी है।
प्रतापगढ़ जनपद की पट्टी विधानसभा क्षेत्र, विशेषकर आसपुर देवसरा ब्लॉक में मोनू तिवारी को लोग एक समर्पित समाजसेवी के रूप में जानते हैं। चाहे किसी परिवार की खुशी का अवसर हो या फिर विपत्ति की घड़ी, वे सदैव जनता के बीच, जनता के साथ खड़े नजर आते हैं। यही सहजता और अपनापन उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।
मोनू तिवारी के लिए समाजसेवा कोई दिखावा नहीं, बल्कि उनके जीवन का आधार है। उनका मानना है कि सेवा ही परम धर्म है – और इसी भावना को उन्होंने अपने आचरण में उतारा है। जरूरतमंदों की मदद हो, आम लोगों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुँचाना हो, या समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना हो, वे बिना किसी अपेक्षा के सदैव आगे आते रहे हैं। उनकी खासियत यह है कि वे केवल समस्या सुनते नहीं, बल्कि उसके समाधान तक साथ खड़े रहते हैं। यही कारण है कि उनके प्रति लोगों का विश्वास लगातार गहरा होता जा रहा है।
शिक्षा की बात करें तो मोनू तिवारी एक शिक्षित एवं विचारशील युवा हैं। उनकी विद्यालयी शिक्षा महादेव नगर इंटर कॉलेज से हुई, जबकि उच्च शिक्षा उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैज़ाबाद से पूरी की। एक पढ़े-लिखे युवा होने के नाते वे हर समस्या को केवल भावना के स्तर पर नहीं, बल्कि समझ, विवेक और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ देखते हैं। शिक्षा और सेवा का यही मेल उन्हें एक जिम्मेदार और भरोसेमंद नेतृत्व की पहचान देता है।
क्षेत्र में मोनू तिवारी को अब केवल एक समाजसेवी के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरते जननायक के रूप में देखा जा रहा है। सहज उपलब्धता, विनम्र व्यवहार और हर वर्ग के लोगों से जुड़ाव उन्हें जनता के करीब लाता है। यही वजह है कि पट्टी विधानसभा क्षेत्र के अनेक लोग उनमें भविष्य के सशक्त प्रतिनिधित्व की उम्मीद देखने लगे हैं।
मोनू तिवारी का स्पष्ट मानना है कि सच्ची राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और विकास पहुँचाने के लिए होनी चाहिए। यही सोच उन्हें एक आम कार्यकर्ता से जननायक की पहचान दिलाती है – और यही कारण है कि क्षेत्र की जनता आज उन्हें अपने भरोसे का चेहरा मानने लगी है।
— प्रतापगढ़ पत्रिका | श्रृंखला : गढ़ के गौरव

