नई दिल्ली। NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक का मामला अब सड़क की लड़ाई बन चुका है। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन सोमवार को हजारों छात्रों और युवाओं ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला, जो जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ते ही उग्र हो गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि पत्थरबाजी में दिल्ली पुलिस का एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें कई छात्र घायल हुए — हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया।
आंदोलनकारी संगठन ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष भी हमलावर है — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। वहीं आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल की भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात भी हुई, जिसमें उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिए जाने की बात कही गई।
प्रतापगढ़ के लिए यह खबर सिर्फ दिल्ली की नहीं है — जिले के सैकड़ों बच्चे हर साल NEET की तैयारी करते हैं। कोटा से लेकर प्रयागराज तक कोचिंग में पसीना बहाने वाले इन छात्रों के लिए परीक्षा की पवित्रता ही सब कुछ है। पेपर लीक की हर खबर उन परिवारों की सांसें रोक देती है जिन्होंने खेत गिरवी रखकर बच्चों को पढ़ाया है।
इस पूरे मामले की जांच और सरकार के अगले कदम पर प्रतापगढ़ पत्रिका नजर बनाए रखेगा।

