प्रतापगढ़। “आपका बिजली कनेक्शन आज रात कट जाएगा”, “आपके बेटे को पुलिस ने पकड़ा है”, “आपकी लॉटरी लगी है” – अगर ऐसी कोई कॉल या मैसेज आए, तो सावधान हो जाइए। यह साइबर ठगों का जाल है, जो गांव-देहात तक पैर पसार चुका है।
डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी मांगते हैं, कभी सरकारी योजना का लालच देकर लिंक भेजते हैं, तो कभी वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग करते हैं। पढ़े-लिखे लोग भी इनके झांसे में आ जाते हैं – क्योंकि ठग डर और लालच, दोनों का इस्तेमाल बखूबी करते हैं।
याद रखने वाली बातें सिर्फ चार हैं:
पहली – बैंक, पुलिस या कोई भी सरकारी विभाग फोन पर कभी ओटीपी या पिन नहीं मांगता। दूसरी – किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, चाहे मैसेज कितना भी असली लगे। तीसरी — “तुरंत करो वरना नुकसान होगा” वाली हर बात पर रुककर सोचें, जल्दबाजी ही ठगों का सबसे बड़ा हथियार है। चौथी — ठगी हो जाए तो शर्माएं नहीं, तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ज्यादा।
अपने घर के बुजुर्गों और बच्चों को यह जानकारी जरूर दें – एक सतर्क परिवार ही ठगों की सबसे मजबूत दीवार है। यह खबर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, हो सकता है आपका एक शेयर किसी का खाता खाली होने से बचा ले।

