लखनऊ/प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी महीने हुई कैबिनेट बैठक में एक साथ 27 प्रस्तावों को मंजूरी देकर कई बड़े फैसले लिए। इनमें सबसे चर्चित फैसला है — उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना, जिसके साथ यूपी स्टार्टअप नीति-2026 और डेटा सेंटर नीति-2026 को भी हरी झंडी दे दी गई।
सरकार का दावा है कि इन नीतियों से प्रदेश में निवेश और नवाचार बढ़ेगा तथा युवाओं को उद्यमिता के बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके अलावा बैठक में शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का फैसला भी लिया गया।
अब बड़ा सवाल — क्या स्टार्टअप की यह गंगा लखनऊ-नोएडा से निकलकर प्रतापगढ़ जैसे जिलों तक पहुंचेगी?
जिले के हजारों युवा हर साल रोजगार की तलाश में बड़े शहरों का रुख करते हैं। अगर स्टार्टअप नीति के तहत छोटे जिलों में भी प्रशिक्षण, फंडिंग और इंक्यूबेशन की सुविधाएं पहुंचती हैं, तो प्रतापगढ़ का युवा अपने ही जिले में रहकर कुछ बड़ा करने का सपना देख सकता है। आंवला उत्पादन जैसे क्षेत्रों में जिले के पास पहले से पहचान है — सही नीति और समर्थन मिले तो यहां फूड प्रोसेसिंग से लेकर डिजिटल सेवाओं तक स्टार्टअप की संभावनाएं मौजूद हैं।
नीति के जमीनी क्रियान्वयन पर प्रतापगढ़ पत्रिका नजर रखेगा — क्योंकि घोषणा से ज्यादा जरूरी है असर।

