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लखनऊ/रामपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सबसे गरम मुद्दा है रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी — जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का ड्रीम प्रोजेक्ट, जिस पर अब बुलडोजर का साया मंडरा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रामपुर विकास प्राधिकरण की जांच में यूनिवर्सिटी की कुल 40 इमारतों में से 38 को अवैध निर्माण माना गया है। प्राधिकरण का कहना है कि इन भवनों के लिए स्वीकृत नक्शा लिया ही नहीं गया था। प्रबंधन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है — या तो खुद अवैध निर्माण हटाएं, वरना कार्रवाई होगी।
इस आदेश के बाद प्रदेश की सियासत में घमासान छिड़ गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा है कि बच्चों के सपनों पर बुलडोजर न चलाया जाए और यूनिवर्सिटी को राजनीति का शिकार न बनाया जाए।
वहीं सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार करते हुए उल्टा अखिलेश यादव पर ही आजम खान को फंसाने की साजिश का आरोप जड़ दिया। उन्होंने साफ कहा कि अवैध इमारतों पर कार्रवाई होकर रहेगी।
गौरतलब है कि करीब 250 एकड़ में फैली इस यूनिवर्सिटी की नींव 2005 में रखी गई थी और यह लंबे समय से आजम खान की पहचान से जुड़ी रही है। अब देखना यह है कि 15 दिन की मियाद पूरी होने पर प्रशासन का अगला कदम क्या होता है — और इसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासत पर कितना पड़ता है।

